तूफान

उस तूफान से झगड़ कर

वो मिट्टी अभी उड़ी नहीं

उस पर बादल सारे बरस गए

वो लौह अभी बुझी नहीं

उस मेहनत का अंजाम तो होता है

वो फल मगर अभी मिला नहीं

उसका मुक़ददर ही दुश्वार था

वो सिकंदर का था सफरनामा, जो चलते कभी रुका नहीं।